Podliपॉडकास्ट प्लेयर Webplayer

Pratidin Ek Kavita

Pratidin Ek Kavita

Idhar Se Dekhein To Apna Makaan Lagta Hai | Shamsur Rehman Farooqi

Pratidin Ek Kavita · 30 सित॰ 2026 · 2:05

0:002:05

Podli ऐप में सुनें 🎧

अपने पसंदीदा पॉडकास्ट फ़ॉलो करें, ऑफ़लाइन और कार में CarPlay व Android Auto के साथ सुनें, और हमेशा वहीं से जारी रखें जहाँ छोड़ा था। मुफ़्त में आज़माएँ।

इधर से देखें तो अपना मकान लगता है । शम्सुर रहमान फ़ारूक़ी


इधर से देखें तो अपना मकान लगता है

इक और ज़ाविए से आसमान लगता है


जो तुम हो पास तो कहता है मुझ को चीर के फेंक

वो दिल जो वक़्त-ए-दुआ बे-ज़बान लगता है


शुरू-ए-इश्क़ में सब ज़ुल्फ़ ओ ख़त से डरते हैं

अख़ीर उम्र में इन ही में ध्यान लगता है


सरकने लगती है तब ही क़दम तले से ज़मीन

जब अपने हाथ में सारा जहान लगता है


दो चार घाटियाँ इक दश्त कुछ नदी नाले

बस इस के बाद हमारा मकान लगता है


एपिसोड: Pratidin Ek Kavita

Podliमुफ़्त Podli ऐप डाउनलोड करें
↓ App