Podliपॉडकास्ट प्लेयर Webplayer

Pratidin Ek Kavita

Pratidin Ek Kavita

Vismriti ka Phool | Gobind Prasad

Pratidin Ek Kavita · 20 जुल॰ 2026 · 1:20

0:001:20

Podli ऐप में सुनें 🎧

अपने पसंदीदा पॉडकास्ट फ़ॉलो करें, ऑफ़लाइन और कार में CarPlay व Android Auto के साथ सुनें, और हमेशा वहीं से जारी रखें जहाँ छोड़ा था। मुफ़्त में आज़माएँ।

विस्मृति का फूल । गोबिंद प्रसाद


...मैं हूँ

मैं हूँ किसी का


...हूँ किसी का

सपना


देखा हुआ अनदेखा

अपना


स्मृति में जैसे बसा-किसी की

विस्मृति का फूल


बन, खिलने की हसरत में

दिन-रात तपना


पहरों-पहरों, देह की देहरी पर

रह-रहकर अंगार-सा


दहकना


एपिसोड: Pratidin Ek Kavita

Podliमुफ़्त Podli ऐप डाउनलोड करें
↓ App