Pratidin Ek Kavita · 12 सित॰ 2026 · 1:28
Podli ऐप में सुनें 🎧
अपने पसंदीदा पॉडकास्ट फ़ॉलो करें, ऑफ़लाइन और कार में CarPlay व Android Auto के साथ सुनें, और हमेशा वहीं से जारी रखें जहाँ छोड़ा था। मुफ़्त में आज़माएँ।
सिर्फ़ प्यार करती हैं तितलियाँ । जयप्रकाश मानस
सिर्फ़ प्यार करती हैं तितलियाँ
हाँ तितलियाँ
फूलों से लता-वल्लरियों से
अचीन्हे पराए मंजरियों से
कहाँ परवाह
कि झट झर जाएँगे पर
नहीं झंझट
कभी जा पहुँचें नभ पर
तनिक न भय
कि जीवन दो दिना
बस यही सच
प्यार है अर्थ—शब्द जीना
धरा-विस्तार करती हैं तितलियाँ
सिर्फ़ प्यार करती हैं तितलियाँ।