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हकीम अहसानुल्लाह साहब के पास एक ऐसा नुस्खा था जिसके बारे में कहा जाता था कि बेऔलाद लोग अगर पान में दबाकर खा लें तो औलाद हो जाती है. शायरी के शौकीन हकीम साहब जब मुशायरे में पहुंचते तो देखते कि लोग वहां अपनी भैंस लेकर आए होते थे कि हकीम साहब एक पान इसे भी खिला दें - सुनिए मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी की एक तहरीर 'धीरजगंज का मुशायरा' का एक हिस्सा स्टोरीबॉक्स में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.