YASHARIM EL TRUE GRACE BIBLE PODCAST
YASHARIM EL TRUE GRACE BIBLE PODCAST · 18 जन॰ 2026 · 22:21
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मत्ती 25दस कुँवारियों का दृष्टान्त1“तब स्वर्ग का राज्य उन दस कुँवारियों के समान होगा जो अपनी मशालें लेकर दूल्हे से भेंट करने को निकलीं। 2उनमें पाँच मूर्ख और पाँच समझदार थीं। 3मूर्खों ने अपनी मशालें तो लीं, परन्तु अपने साथ तेल नहीं लिया; 4परन्तु समझदारों ने अपनी मशालों के साथ अपनी कुप्पियों में तेल भी भर लिया। 5जब दूल्हे के आने में देर हुई, तो वे सब ऊँघने लगीं और सो गईं।6“आधी रात को धूम मची : ‘देखो, दूल्हा आ रहा है! उससे भेंट करने के लिये चलो।’ 7तब वे सब कुँवारियाँ उठकर अपनी मशालें ठीक करने लगीं। 8और मूर्खों ने समझदारों से कहा, ‘अपने तेल में से कुछ हमें भी दो, क्योंकि हमारी मशालें बुझी जा रही हैं।’ 9परन्तु समझदारों ने उत्तर दिया, ‘कदाचित् यह हमारे और तुम्हारे लिये पूरा न हो; भला तो यह है कि तुम बेचनेवालों के पास जाकर अपने लिये मोल ले लो।’ 10जब वे मोल लेने को जा रही थीं तो दूल्हा आ पहुँचा, और जो तैयार थीं, वे उसके साथ विवाह के घर में चली गईं और द्वार बन्द किया गया। 11इसके बाद वे दूसरी कुँवारियाँ भी आकर कहने लगीं, ‘हे स्वामी, हे स्वामी, हमारे लिये द्वार खोल दे!’* 12उसने उत्तर दिया, ‘मैं तुम से सच कहता हूँ, मैं तुम्हें नहीं जानता।’ 13इसलिये जागते रहो, क्योंकि तुम न उस दिन को जानते हो, न उस घड़ी को।
एपिसोड: YASHARIM EL TRUE GRACE BIBLE PODCAST