Podliपॉडकास्ट प्लेयर Webplayer

Shiv Puran Katha in Hindi

Shiv Puran Katha in Hindi

शिव-पार्वती का विवाह आरंभ | शिव पुराण - श्रीरुद्र संहिता | अध्याय 48

Shiv Puran Katha in Hindi · 13 सित॰ 2026 · 6:28

0:006:28

Podli ऐप में सुनें 🎧

अपने पसंदीदा पॉडकास्ट फ़ॉलो करें, ऑफ़लाइन और कार में CarPlay व Android Auto के साथ सुनें, और हमेशा वहीं से जारी रखें जहाँ छोड़ा था। मुफ़्त में आज़माएँ।

श्री शिव पुराण अध्याय 48 में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के आरंभ, भगवान शिव के कुल-गोत्र के रहस्य, माता पार्वती के कन्यादान और शिव-पार्वती के पाणिग्रहण की मंगलमयी कथा का वर्णन है।

विवाह की रस्मों के दौरान शैलराज हिमालय भगवान शिव से उनके कुल, गोत्र, प्रवर और वेद शाखा का परिचय पूछते हैं। भगवान शिव मौन रहते हैं। तब नारद जी बताते हैं कि भगवान शिव निर्गुण, निराकार, परमब्रह्म और परमेश्वर हैं। उनका गोत्र और कुल नाद है—शिव नादमय हैं और नाद शिवमय है।

इसके बाद हिमालय और मैना अपनी पुत्री पार्वती का विधिपूर्वक कन्यादान करते हैं। भगवान सदाशिव माता पार्वती का पाणिग्रहण स्वीकार करते हैं और चारों ओर शिव-पार्वती की जय-जयकार होने लगती है। गंधर्व गीत गाते हैं, अप्सराएं नृत्य करती हैं और देवता प्रसन्न होते हैं।

शैलराज हिमालय भगवान शिव को अनेक बहुमूल्य वस्तुएं भेंट करते हैं और संपूर्ण हिमालय नगरी शिव-पार्वती के दिव्य विवाह के उत्सव में आनंदित हो उठती है।

🙏 शिव-पार्वती की इस मंगलमयी विवाह कथा का श्रवण करें और महादेव एवं माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करें।

हर हर महादेव 🔱
ॐ नमः शिवाय 🙏

एपिसोड: Shiv Puran Katha in Hindi

Podliमुफ़्त Podli ऐप डाउनलोड करें
↓ App