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'क्राइम ब्रांच' के इस एपिसोड में हमारे साथ हैं आशु मलिक - पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान की नहरों से शव निकालने वाले मशहूर गोताखोर, जिनकी पहचान बीते 33 सालों के अनथक काम से बनी है. पिछले तीन दशकों में आशु मलिक और उनकी टीम 73,000 से ज़्यादा शव नहरों और नदियों से बाहर निकाल चुकी है, वो भी बिना किसी सरकारी मदद या फंडिंग के. आज की बातचीत इसी अनसुने काम पर केंद्रित है, जिसमें नहरों के नीचे दफन भारत के एक छिपे हुए सच की कहानी सामने आती है. इस दौरान चर्चा हुई कि कैसे महज 12 साल की उम्र में आशु मलिक ने अपनी पहली जान बचाई, कैसे नहरें आज क्राइम छुपाने का सबसे आसान ज़रिया बन गई हैं और कैसे एक शव पंजाब से बहकर हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली तक पहुंच जाता है. और आखिर में जानेंगे उस सिस्टम की हकीकत जिसमें न कोई सरकारी हेल्पलाइन है, न लापता लोगों के लिए कोई एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड, और जहां गरीब के शव का अक्सर कोई वारिस नहीं होता. ये बातचीत आपको नहरों के नीचे की उस दुनिया तक ले जाएगी, जिसके बारे में अक्सर सुना तो जाता है, लेकिन समझा कम जाता है. आनंद लीजिए पूरे एपिसोड का अरविंद ओझा के साथ.