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पागलख़ाने की अंधेरी कोठरी से विक्रांत बार-बार चीखते हुए कहता था कि फ़बीहा उसकी एक दोस्त थी, उसके साथ थी. लेकिन पुलिस का मानना था कि फ़बीहा नाम की कोई लड़की कभी थी ही नहीं, वो सिर्फ़ विक्रांत के मन का वहम था - सुनिए स्टोरीबॉक्स की नई कहानी 'वहम' जमशेद क़मर सिद्दीक़ी से.